नागल. थाना क्षेत्र के गांव लाखनौर में रेलवे विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारी फ्रेट कॉरिडोर मे अधिग्रहण की गई जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे तो उन्हें स्थानीय किसानों एवं भाकियू कार्यकताओं ने कड़ा विरोध किया। विरोध होता देख अधिकारियों को फोर्स बुलानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार ट्रैक को डबल करने के लिए रेलवे ने फ्रेट कॉरिडॉर कर जमीन अधिग्रहण की गई थी, जिसका मुआवजा भी किसानों को दे दिया गया था।अधिग्रहित जमीन पर किसानों ने अपनी फसल लगाई हुई थी। जिसपर रेलवे विभाग प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कब्जा लेने पहुंचे थे जहां पर खड़ी फसल के बर्बाद होती देख किसानों ने भाकियू कार्यकताओं को मौके पर बुला लिया काफी देर तक गहमा गहमी होने के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार एवं प्रशासनिक अधिकारियों प्रशिक्षु सिटी मजिस्ट्रेट,अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अशोक कुमार मीणा, अनील कुमार सिंह एसडीएम सदर,चन्द्रपाल शर्मा पुलिस उपाधीक्षक सदर, राकेश कुमार सिंह एसडीएम देवबंद, रजनीश उपाध्याय पुलिस उपाधीक्षक देवबंद व रेलवे कॉरीडोर के अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद सहमति से पिलर खड़े कर निशानदेही करने पर मामला सुलझाया गया। और किसानों को बोई गई फसलों के काटने का समय दिया गया।
इस दौरान अनील कुमार सिंह एसडीएम सदर, एडिशनल एसपी अशोक कुमार मीणा समेत भारी पुलिस फोर्स एवं आसपास थानों की पुलिस पीएसी बल , महिला पुलिस बल आदि लगाया गया था।
रेलवे की जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे अधिकारीयों को झेलना पड़ा विरोध